#g20 की अध्यक्षता भारत दिसंबर माह से कर रहा है । इसके तहत जनभागीदारी के कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
जन शिक्षण संस्थान के द्वारा भी 1 जून से 15 जून तक जनभागीदारी के तहत कई सारे कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके अंतर्गत वाद विवाद प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, वित्तीय साक्षरता, रंगोली प्रतियोगिता, करियर काउंसलिंग, विश्व पर्यावरण दिवस एवं कई अन्य कार्यक्रम करने की प्रस्तावना है।
इस उपलक्ष्य में जन शिक्षण संस्थान जमुई द्वारा आज वित्तीय साक्षरता का कार्यक्रम किया गया। इसमें जन शिक्षण संस्थान के लाभार्थियों के अलावा उनके ट्रेनर, स्टाफ, एवं अन्य व्यक्ति भी शामिल हुए। जन शिक्षण संस्थान के निदेशक, श्री अंशुमान के द्वारा इस विषय पर एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया गया जिसमें सभी उपस्थित लोगों को बचत, निवेश, बीमा, ऋण से संबंधित कई जानकारियां दी गई। यह बताया गया कि मनुष्य के जीवन काल में कुछ गतिविधियां अवश्य आती है, और उसके लिए हर व्यक्ति को बचत करनी पड़ती है। यह बचत नियमित रूप से करनी होती है और इसके लिए योजना बनानी होती है। यह योजना अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन होनी चाहिए और इसके अनुसार बचत करनी चाहिए। यह भी बताया गया कि जब भी हम ऋण लेते हैं, उसका इस्तेमाल सही तरीके से होना चाहिए वरना यह ऋण एक बोझ बन जाता है। कोशिश करनी चाहिए कि ऋणज्यादा से ज्यादा किसी उद्यम को स्थापित करने, या किसी आर्थिक गतिविधि को करने के लिए होना चाहिए, जिससे की आमदनी बढ़े और ऋण सुगमता पूर्वक लौटाया जा सके। लोगों के बीच आवर्ती जमा, सावधि जमा, और पीपीएफ अकाउंट को लेकर उत्सुकता दिखी । लोगों के मन में आवर्ती जमा के माध्यम से कैसे नियमित रूप से छोटी-छोटी बचत हो सकती है, इसको लेकर जोश दिखा। बीमा की जरूरत लोगों ने समझी। अंत में यह बताया गया की विभिन्न वित्तीय उत्पाद जो कि बाजार में उपलब्ध हैं, इन्में सोच समझकर निवेश करना चाहिए और कोशिश होनी चाहिए कि पैसा हमारा सुरक्षित रहे, आसानी से निकल सके और पैसे में बढ़ोतरी हो। वित्तीय साक्षरता एवं विभिन्न वित्तीय उत्पादों के बारे में जानकारी पाकर उपस्थित प्रतिभागी उत्साहित थे।